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GBP/USD मुद्रा जोड़ी ने शुक्रवार को कोई बड़ी बढ़त दर्ज नहीं की, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि हाल के हफ्तों में ब्रिटिश मुद्रा (पाउंड) पूरी तरह स्थिर नहीं रही है, जैसा कि यूरो के मामले में देखा गया है।
पिछले सप्ताह के अंत तक यह जोड़ी 1.3301–1.3309 के क्षेत्र को तोड़ने में असफल रही, और सोमवार सुबह यह गिरती हुई ट्रेंड लाइन (Descending Trend Line) के ऊपर टिक गई।
सभी संकेत यह बता रहे हैं कि घंटे के टाइमफ्रेम (Hourly Timeframe) पर चल रहा डाउनट्रेंड समाप्त हो चुका है और अब एक नया अपट्रेंड (Uptrend) शुरू होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, लेखक अभी भी यूरो और पाउंड में किसी भी तेजी का समर्थन करता है, क्योंकि उसका मानना है कि डॉलर पहले ही अपने पक्ष में मौजूद सभी सकारात्मक कारकों को काफी हद तक कीमतों में शामिल कर चुका है।
भू-राजनीतिक कारक (Geopolitical Factor) लगातार अमेरिकी मुद्रा को समर्थन नहीं दे सकता। बाज़ार फिलहाल उन्हीं घटनाओं पर बार-बार प्रतिक्रिया दे रहा है और एक ही चक्र दोहरा रहा है।
फेडरल रिज़र्व (Fed) ने अभी तक मुख्य ब्याज दर बढ़ाना शुरू भी नहीं किया है, लेकिन बाज़ार पहले ही इस संभावना को कीमतों में शामिल कर चुका है।
शुक्रवार को ब्रिटेन में सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बिज़नेस एक्टिविटी (Business Activity) रिपोर्टें अपेक्षाकृत सकारात्मक रहीं।
वहीं, साप्ताहिक टाइमफ्रेम पर अभी भी एक साल पुराना साइडवेज रुझान (Yearly Flat Range) बना हुआ है, जो ब्रिटिश मुद्रा में आगे और बढ़त की संभावना का संकेत देता है।
तकनीकी रूप से, ब्रिटिश पाउंड ने गिरती हुई ट्रेंड लाइन को तोड़ दिया है।
इसलिए अब इसकी अगली कोशिश Senkou Span B लाइन तक पहुँचने की हो सकती है, जो मंदी वाले ट्रेडर्स (Bears) के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र है।
हालाँकि, आगे की दिशा फिर से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि बाज़ार अभी भी भू-राजनीति पर चुनिंदा तरीके से प्रतिक्रिया दे रहा है।
फिर भी, इस सप्ताह पाउंड में तेजी की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।
शुक्रवार को 5-मिनट चार्ट पर दो खरीदारी (Buy) ट्रेडिंग सिग्नल बने।
दोनों बार कीमत ने 1.3301–1.3309 क्षेत्र से वापसी (Bounce) की, जिससे ट्रेडर्स को लॉन्ग पोज़िशन (Long Positions) खोलने का अवसर मिला।
सोमवार सुबह कीमत लगभग 1.3369–1.3377 क्षेत्र तक पहुँच गई।
(COT रिपोर्ट बड़े संस्थागत ट्रेडर्स की पोज़िशनिंग को दर्शाती है और इससे बाज़ार में खरीदारों व विक्रेताओं की स्थिति समझने में मदद मिलती है।)
GBP/USD मुद्रा जोड़ी ने शुक्रवार को कोई बड़ी बढ़त दर्ज नहीं की, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि हाल के हफ्तों में ब्रिटिश मुद्रा (पाउंड) पूरी तरह स्थिर नहीं रही है, जैसा कि यूरो के मामले में देखा गया है।
पिछले सप्ताह के अंत तक यह जोड़ी 1.3301–1.3309 के क्षेत्र को तोड़ने में असफल रही, और सोमवार सुबह यह गिरती हुई ट्रेंड लाइन (Descending Trend Line) के ऊपर टिक गई।
सभी संकेत यह बता रहे हैं कि घंटे के टाइमफ्रेम (Hourly Timeframe) पर चल रहा डाउनट्रेंड समाप्त हो चुका है और अब एक नया अपट्रेंड (Uptrend) शुरू होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, लेखक अभी भी यूरो और पाउंड में किसी भी तेजी का समर्थन करता है, क्योंकि उसका मानना है कि डॉलर पहले ही अपने पक्ष में मौजूद सभी सकारात्मक कारकों को काफी हद तक कीमतों में शामिल कर चुका है।
भू-राजनीतिक कारक (Geopolitical Factor) लगातार अमेरिकी मुद्रा को समर्थन नहीं दे सकता। बाज़ार फिलहाल उन्हीं घटनाओं पर बार-बार प्रतिक्रिया दे रहा है और एक ही चक्र दोहरा रहा है।
फेडरल रिज़र्व (Fed) ने अभी तक मुख्य ब्याज दर बढ़ाना शुरू भी नहीं किया है, लेकिन बाज़ार पहले ही इस संभावना को कीमतों में शामिल कर चुका है।
शुक्रवार को ब्रिटेन में सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बिज़नेस एक्टिविटी (Business Activity) रिपोर्टें अपेक्षाकृत सकारात्मक रहीं।
वहीं, साप्ताहिक टाइमफ्रेम पर अभी भी एक साल पुराना साइडवेज रुझान (Yearly Flat Range) बना हुआ है, जो ब्रिटिश मुद्रा में आगे और बढ़त की संभावना का संकेत देता है।
तकनीकी रूप से, ब्रिटिश पाउंड ने गिरती हुई ट्रेंड लाइन को तोड़ दिया है।
इसलिए अब इसकी अगली कोशिश Senkou Span B लाइन तक पहुँचने की हो सकती है, जो मंदी वाले ट्रेडर्स (Bears) के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र है।
हालाँकि, आगे की दिशा फिर से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि बाज़ार अभी भी भू-राजनीति पर चुनिंदा तरीके से प्रतिक्रिया दे रहा है।
फिर भी, इस सप्ताह पाउंड में तेजी की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।
शुक्रवार को 5-मिनट चार्ट पर दो खरीदारी (Buy) ट्रेडिंग सिग्नल बने।
दोनों बार कीमत ने 1.3301–1.3309 क्षेत्र से वापसी (Bounce) की, जिससे ट्रेडर्स को लॉन्ग पोज़िशन (Long Positions) खोलने का अवसर मिला।
सोमवार सुबह कीमत लगभग 1.3369–1.3377 क्षेत्र तक पहुँच गई।
(COT रिपोर्ट बड़े संस्थागत ट्रेडर्स की पोज़िशनिंग को दर्शाती है और इससे बाज़ार में खरीदारों व विक्रेताओं की स्थिति समझने में मदद मिलती है।)
घंटे के टाइमफ्रेम (Hourly Timeframe) पर GBP/USD मुद्रा जोड़ी ने एक नया ऊपरी रुझान (Uptrend) बनाना शुरू कर दिया है, या कम से कम इसकी शुरुआत के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जैसा कि तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) से पता चलता है।
यदि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है, तो इससे यूरो और पाउंड जैसी जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं (Risk-Sensitive Currencies) को मजबूती मिलने में मदद मिल सकती है।
लंबी अवधि में दोनों मुद्राएँ अभी भी ऊपर की दिशा में दिखाई दे रही हैं और पिछले पूरे एक साल से साइडवेज चैनल (Sideways Channels) में कारोबार कर रही हैं। यह उस तेजी के रुझान (Uptrend) को खत्म नहीं करता, जो वर्ष 2022 में शुरू हुआ था।
ट्रेडिंग के लिए निम्न महत्वपूर्ण स्तरों पर ध्यान दिया जा सकता है:
इसके अलावा Ichimoku Indicator की महत्वपूर्ण लाइनें:
भी संभावित ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत हो सकती हैं।
यदि कीमत सही दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ती है, तो Stop Loss को ब्रेकईवन (Break-even) स्तर पर सेट करने की सलाह दी जाती है।
ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
सोमवार को ब्रिटेन में एक अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण बिज़नेस क्लाइमेट इंडेक्स (Business Climate Index) जारी होगा।
वहीं, अमेरिका में Durable Goods Orders (टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर) से जुड़ी एक अपेक्षाकृत महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की जाएगी।
दिन की शुरुआत डॉलर में गिरावट के साथ हुई है, लेकिन यह गिरावट बहुत तेज़ या लंबे समय तक चलने वाली होने की संभावना कम है।
सबसे अधिक संभावना यही है कि पूरे दिन बाज़ार में फिर से कमज़ोर हलचल (Weak Movement) देखने को मिलेगी।
यदि कीमत 1.3369–1.3377 क्षेत्र से नीचे की ओर वापस मुड़ती है, तो ट्रेडर्स 1.3301–1.3309 क्षेत्र को लक्ष्य बनाकर शॉर्ट पोज़िशन खोल सकते हैं।
यदि कीमत 1.3369–1.3377 क्षेत्र के ऊपर स्थिर होती है, तो लॉन्ग पोज़िशन खोली जा सकती है।
लक्ष्य:
1. Support और Resistance Levels:
ये मोटी लाल रेखाएँ होती हैं, जिनके आसपास कीमत की चाल रुक सकती है। ये सीधे ट्रेडिंग सिग्नल का स्रोत नहीं होतीं।
2. Kijun-sen और Senkou Span B Lines:
ये Ichimoku Indicator की लाइनें हैं, जिन्हें 4 घंटे के टाइमफ्रेम (4H) से लेकर घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर दिखाया जाता है। इन्हें मजबूत सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर माना जाता है।
3. Extreme Levels:
ये पतली लाल रेखाएँ होती हैं, जहाँ पहले कीमत ने प्रतिक्रिया दी थी। ये ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत के रूप में उपयोग की जाती हैं।
4. Yellow Lines:
ये ट्रेंड लाइन, ट्रेंड चैनल और अन्य तकनीकी पैटर्न को दर्शाती हैं।
5. COT Charts का Indicator 1:
यह प्रत्येक ट्रेडर श्रेणी (Trader Category) के लिए नेट पोज़िशन (Net Position) का आकार दिखाता है।