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सोमवार को यह लेख लिखे जाने के समय वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल लगभग 81.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि कीमत में मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित व्यवधान की आशंकाएं बनी हुई हैं, जो तेल की कीमतों को समर्थन दे रही हैं। इसके अलावा, Reuters के अनुसार, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) की घोषणा की है। समूह के एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसे सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध (Maritime Embargo) बताया। हालांकि, इसे लागू करने के तरीके के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बना हुआ है। अमेरिका ईरानी ठिकानों पर सैन्य अभियान जारी रखे हुए है, जबकि तेहरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की रक्षा पर अडिग है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा निर्यात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक बाधित होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
हालांकि, बाजार को कूटनीतिक प्रयासों से जुड़े कुछ सकारात्मक संकेत भी मिल रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर सैन्य और कूटनीतिक दोनों रणनीतियों को साथ लेकर चल रहा है। उन्होंने इस धारणा को खारिज किया कि दोनों तरीके एक साथ नहीं अपनाए जा सकते। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि हाल के दिनों में मध्यस्थों और ईरानी अधिकारियों के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि संघर्ष जारी रहने के बावजूद अनौपचारिक कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।
ING के विश्लेषकों का कहना है कि तेल बाजार अभी भी संभावित आपूर्ति झटकों (Supply Shocks) के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। बैंक के अनुसार, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, अमेरिका के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve) से तेल जारी किए जाने की प्रक्रिया समाप्त होने की संभावना बाजार को आपूर्ति संबंधी जोखिमों के प्रति और अधिक संवेदनशील बना सकती है। ING ने यह भी बताया कि पिछले सप्ताह सट्टेबाज़ निवेशकों (Speculative Investors) ने ICE Brent वायदा अनुबंधों (Futures Contracts) में अपनी नेट लॉन्ग पोज़िशन में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो यह दर्शाता है कि अधिक उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में तेजी (Bullish Sentiment) का रुझान अभी भी कायम है।
इस प्रकार, तेल की कीमतें फिलहाल दो विपरीत कारकों के बीच संतुलन बनाए हुए हैं। एक ओर कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम होने की उम्मीद है, जबकि दूसरी ओर मध्य पूर्व में किसी भी नए तनाव के बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं फिर से बढ़ सकती हैं।
तकनीकी दृष्टिकोण से, विभिन्न ऑसिलेटर (Oscillators) मिश्रित संकेत दे रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और अभी तक स्पष्ट दिशा तय नहीं हुई है। तेजी (Bulls) को अधिक मजबूती हासिल करने के लिए कीमत का 50-दिवसीय और 100-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर निकलना आवश्यक होगा। फिलहाल तेल को 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर समर्थन मिला है। अगला महत्वपूर्ण समर्थन स्तर 78.00 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर है।